आरोप के षड्यंत्र
आजकल ये देखा गया है की शादी से पहले जो कन्या का पिता वर के पिता के सामने हाथ जोड़ कर खड़ा होता है । वो शादी होते ही वर पक्ष की हैसियत देखने लगता है। अपनी कन्या को मोबाइल फोन से सिखाने लगता है की ससुराल वालों की कोई बात नही माननी है। उनका जितना अपमान हो सके करना चाहिए।
अगर कन्या नौकरी वाली होती है तो सिखाया जाता है की अपनी सैलरी ससुराल में बिल्कुल ही नहीं देनी है। और अपने पति की सैलरी पर अपना हक पूरा पूरा रखना है।
अगर पति अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा घर के खर्च के लिए देना चाहे तो उसे मत देने दो। अगर पति फिर भी देता है तो उससे खूब झगड़ा करो। उसका और उसके परिवार का जीना हराम कर दो।
रोज इस बात की खबर मायके में भिजवाती है। अपने पति को उसके मां बाप से न तो बात करने दो और न ही उनको एक दूसरे की शक्ल ही देखने दो। ये सब एक घर में ही रहते हुए ही करना है।
कन्या के माता पिता ये भी सिखाते हैं की सास ससुर को पूरी तरह से अनदेखा करो । उन्हे किसी भी किस्म का अभिवादन मत करो इससे उनका गुस्सा बढ़ेगा और वो गुस्से में बोले तो उनकी बातों को रिकॉर्ड करो।
वैसे कन्या के माता पिता ये सिखाते हैं की आप फोन पर बात करो और उसको रिकॉर्ड करो क्योंकि रोज मर्रा की life में आदमी ita लापरवाह हो जाता है कि उससे कई बार गुस्से में ऐसे शब्द निकल जाते हैं जो नहीं कहने वाले होते हैं और जिन्हें हम रोज मर्रा की खीज समझ कर भूल जाते हैं ।परंतु शातिर कन्या द्वारा ये बाते रिकॉर्ड की जाती हैं और संभाल कर रक्खा जाता हैं और अपने माता पिता से शेयर किए जाता है ताकि वक्त आने पर काम आ सके। हालांकि कॉल को रिकॉर्ड करना गैर कानूनी है परंतु वर पक्ष को ब्लैकमेल करने के लिए ये काफी होता है।
अब जमाना व्हाट्सएप का आ गया है। सबसे पहले कन्या बहुत चालाकी से अपने माता पिता भाई बहन जीजा और दूसरे रिश्तेदारों के फोन देती है और व्हाट्सएप मैसेज शुरू हो जाते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप पर स्टेटस मैसेज भी लगाए जाते हैं शुरू शुरू में अच्छे अच्छे मैसेज लगाए जाते है दोनो तरफ से।
फिर जब ससुराल में तनाव को बढ़ाया जाता है। अगर कन्या नौकरी करी है तो ऑफिस भी जाती ही होगी। शुरू शुरू में तो वो समय से जाती है और समय से आ जाती है।
परंतु बाद मायके वाले सलाह देते हैं की सुबह जल्दी जाओ और शाम को देर से आओ। अगर कन्या का मायका ससुराल के पास ही है तो उससे कहा जाता है की आप वर्क फ्रोम होम लेने को कहते हैं और कहते हैं सुबह जल्दी घर आकर अपनी मां के काम में हाथ बटा।
जो कन्या ससुराल में काम चोरी करती है वो ही मायके में चुस्त हो जाती है।
कई बार ये देखा जाता है की बहने एक से ज्यादा होती हैं तब सबसे पहले बड़ी लड़की को उसके ससुराल वालों से अलग कर जमाई को अपने बस में कर लिया जाता है और इसके घर के हर काम में मायके वालों का पूरा दखल हो जाता है।
जब उसके बच्चे होते हैं तो उसको अपने ससुराल में नहीं जाने दिया जाता है और उसको अपने मायके में रख कर पूरा जापा किया जाता है ।ऐसे में अगर बड़ी बहन का दूसरा बच्चा होना होता है और छोटी बहन शादी शुदा है तब मायके वालों की पूरी कोशिश होती है की किसी तरह से छोटी लड़की को उसके ससुराल से अलग करने के लिए साजिश की जाती है।
इस साजिश में रिकॉर्ड की हुई फोन कॉल्स ,दूसरी रिकॉर्डिंग, और कुछ व्हाट्सएप के मैसेज और कुछ ससुराल पक्ष द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस लगाए गए, चाहे इनका वधु का सीधा संबंध न हो परंतु इसका संबंध जोड़ लिया जाता है।
व्हाट्सएप स्टेटस वो मैसेज होते जो की ज्यादातर फॉरवर्ड किए जाते हैं और कई बार सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए लिखे जाते हैं । ऐसे सभी स्टेटस अस्थाई होते हैं और ये सभी मैसेज 24 घंटे में स्वताः ही डिलीट हो जाते हैं। इन मैसेजेस को किसी भी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं भेजा जाता, ये सभी के लिए होते जो भी आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में होते हैं ।
ऐसे कई मैसेजेस का स्क्रीनशॉट लिया जाता है और सारे मैसेज इकट्ठे कर संभाल कर रक्खा जाते हैं।
फिर एक दिन मौका पाकर कन्या को घर बुलाया जाता है और इन सभी व्हाट्सएप स्टेटस मैसेज को वर पक्ष के रिश्तेदारों को भेजे जाते हैं और ससुराल पक्ष की बदनामी करने की कोशिश की जाती है। और ससुराल पक्ष की कन्या शादी शुदा है तो उसके ससुराल वालों को ये मैसेज भेज कर फोन पर उल्टा सीधा बोला जाता है ताकि उस लड़की का घर भी बर्बाद कर सकें।
इतने से भी मन नहीं भरता तो कानूनी कार्यवाही और मुकदमे की धमकी दी जाती है।
ससुर का चरित्र हनन किया जाता है की उसकी गलत नियत और गलत नजर घर की वधु पर है । बिना ये सोचे कि इससे उनकी लड़की पर भी आक्षेप आता है की क्यों इतने लंबे समय से अगर ऐसा हो रहा था तो किसी को भी नही बताया अपने पति मां बाप भाई बहन मामा मामी चाचा चाची ताऊ ताई किसी को भी नहीं बताया। आखिर जब कुछ था ही नही तो बताती कैसे।
इतने से भी मन नहीं भरता तो कहते हैं की आप दहेज के लालची हो और दहेज न मिलने की वजह से हमारी लड़की को तंग करते हो।
आजकल ये एक ट्रेंड बन गया है कि इस तरह के झूठे झूठे आरोप लगाओ, धमकाओ मुकदमे पुलिस की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर ससुराल पक्ष का जीना हराम कर देते है।
कोशिश ये होती है की जमाई को उसके मां बाप से अलग कर मोटी रकम ऐंठी जाए जिससे जो मायके में धन का अभाव चल रहा है उसे दूर किया जा सके।
इस झूठे मक्कार लोगों की आड़ में कुछ बुजुर्ग दंपति भी आ जाते हैं जिनका गुजारा उनकी पेंशन पर होता है और उनके रहने का एक मात्र सहारा एक मकान ही होता है जिस पर कन्या के घर वालों की नजर होती है।
ऐसे कन्या पक्ष के लोग असामाजिक हैं धूर्त हैं। जो सीधे सच्चे बुजुग असहाय दंपत्तियों को उनके बुढ़ापे का सहारा भी छीन लेना चाहते हैं
ऐसे दुष्ट लोगो का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए और सभी बुजुर्ग दमत्तियों की हर तरह की सहायता देनी चाहिए और रक्षा भी करनी चाहिए।
Comments
Post a Comment